बुधवार, 7 मार्च 2012

मतदान या मत दान


                     मतदान या मत दान   

जो माँगा जाये वह दान नहीं वह भीख है | 
जो ख़रीदा जाये वह दान नहीं वह सौदा है |
फिर भी मतदान तो मतदान ही है |
जो माँगा भी जाता है तथा ख़रीदा भी जाता है 
जो बिना मांगे दिया ही  नहीं जाता है |
और बिना कुछ प्राप्त किये भी नहीं दिया जाता है |
चाहे वह कम्बल हो या शराब या कुछ और |
यह शब्द कहीं यह तो नहीं कहना चाहता है की
मत दान कर ,भलेही  भीख में दे दे  या बेच दे  
पर दान मत कर । होनहो मतदान शब्द की यही मंशा होगी ।
अन्यथा दान शब्द का इतना बड़ा अपमान भारत में तो कोई कर नहीं सकता । 
  


होली
 
है अति विशिष्ठ त्यौहार, 
आग और पानी का |
सूझ बूझ से इसे मनाओ,
 नहीं प्रश्न हैरानी का ||
समय आगया आग लगादो,
 आतंकों की टोली को |
सराबोर करदो करुणासे,
 मानवता की झोली को ||
बंद करो कलुषित कर्मों से,
 रंजित करना देश को |
सद्चरित्रता  की फुहार से ,
 नित सींचो परिवेश को ||
  
* सभी मित्रों को रंगों के त्यौहार होली  की शुभ कामनाएं *
डॉ .ओ.पी.बिल्लौरे