होली
है अति विशिष्ठ त्यौहार,
आग और पानी का |
सूझ बूझ से इसे मनाओ,
नहीं प्रश्न हैरानी का ||
समय आगया आग लगादो,
आतंकों की टोली को |
सराबोर करदो करुणासे,
मानवता की झोली को ||
बंद करो कलुषित कर्मों से,
रंजि त करना देश को |
सद्चरित्रता की फुहार से ,
नित सींचो परिवेश को ||
* सभी मित्रों को रंगों के त्यौहार होली की शुभ कामनाएं *
डॉ .ओ.पी.बिल्लौरे
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