मतदान या मत दान
जो माँगा जाये वह दान नहीं वह भीख है |
जो ख़रीदा जाये वह दान नहीं वह सौदा है |
फिर भी मतदान तो मतदान ही है |
जो माँगा भी जाता है तथा ख़रीदा भी जाता है
जो बिना मांगे दिया ही नहीं जाता है |
और बिना कुछ प्राप्त किये भी नहीं दिया जाता है |
चाहे वह कम्बल हो या शराब या कुछ और |
यह शब्द कहीं यह तो नहीं कहना चाहता है की
मत दान कर ,भलेही भीख में दे दे या बेच दे
पर दान मत कर । होनहो मतदान शब्द की यही मंशा होगी ।
अन्यथा दान शब्द का इतना बड़ा अपमान भारत में तो कोई कर नहीं सकता ।